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KORBA: “कब्र से बाहर निकला मौत का सच”, मजदूर की मौत में FIR, अस्पताल की भूमिका पर भी उठे गंभीर सवाल

कब्र से शव निकालकर कराया गया दोबारा पीएम, करंट लगने से मौत की पुष्टि; पुलिस ने दर्ज किया मामला


(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)

कोरबा/पाली। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र में मजदूर की मौत के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि हादसे में मौत के बाद परिजनों को “पोस्टमार्टम हो चुका है” कहकर शव सौंप दिया गया, जबकि बाद में पता चला कि मृतक का पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं था। शिकायत के बाद पुलिस ने कब्र से शव निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मौत का कारण विद्युत करंट लगना सामने आया है।

मामले में पुलिस ने मिक्सर मशीन मालिक और ऑपरेटर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं अस्पताल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

लेंटर ढलाई के दौरान हुआ था हादसा

मामला पाली थाना क्षेत्र के ग्राम नगोई का है। ग्राम पोड़ी मड़वामहुआ निवासी पूर्णिमा श्याम पति स्वर्गीय नवीन कुमार गोंड (23 वर्ष) ने 19 जून 2026 को थाना पाली में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, 15 जून 2026 को नवीन कुमार मजदूरी करने के लिए ग्राम नगोई गया था। वह राजकुमार, सोनसरी निवासी राजेश और अन्य मजदूरों के साथ मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके पिता समपाल उईके के साथ लेंटर ढलाई के काम में गया था।

काम के दौरान मिक्सर मशीन को लेंटर के स्तर पर लगाने के दौरान मशीन का ऊपरी हिस्सा बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। मशीन में करंट प्रवाहित होने से नवीन कुमार इसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही बेहोश हो गया।

घटना के बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

“पोस्टमार्टम हो गया है” कहकर ले गए शव

मृतक की पत्नी का आरोप है कि पति की मौत के बाद मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके ने अस्पताल में मृतक के पिता और अन्य परिजनों से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए।

परिजनों को बताया गया कि शव का पोस्टमार्टम हो चुका है और सुपुर्दनामा की कार्रवाई के बाद शव घर ले जाया जा सकता है। परिजन इस बात पर भरोसा कर शव घर ले गए और उसी रात अंतिम संस्कार कर दिया।

बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि नवीन कुमार के शव का पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं था और हादसे की सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई थी। इसके बाद मृतक की पत्नी ने थाने में शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कब्र से निकाला गया शव, पीएम रिपोर्ट में खुलासा

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दफनाए गए शव का विधिवत उत्खनन कराया और दोबारा पोस्टमार्टम कराया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नवीन कुमार की मौत इलेक्ट्रिक करंट लगने से होना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मिक्सर मशीन मालिक विकास उईके और मिक्सर मशीन ऑपरेटर के खिलाफ धारा 106(1), 238 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले में अब अस्पताल की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। मृतक की पत्नी ने शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की भूमिका की जांच की मांग की है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—

  • मृतक को अस्पताल लाने के बाद कौन-कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई?
  • पुलिस को हादसे की सूचना क्यों नहीं दी गई?
  • पोस्टमार्टम नहीं होने के बावजूद परिजनों को पोस्टमार्टम होने की जानकारी किसने दी?
  • शव परिजनों को किस प्रक्रिया के तहत सौंपा गया?

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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