कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा: टेलर की चपेट में आने से निजी कंपनी कर्मचारी की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

CG.ई ख़बर


कोरबा।
जिले के कोलांचल क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। एसईसीएल कुसमुंडा खदान के 25 नंबर फेस के पास देर रात हुए हादसे में निजी ठेका कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी की टेलर वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा खदान क्षेत्र में पानी निकासी से जुड़े कार्य के लिए निजी कंपनी के कर्मचारियों को साफ-सफाई और अन्य आवश्यक कार्यों में लगाया गया था। इसी दौरान काम कर रहे एक कर्मचारी के अचानक टेलर वाहन की चपेट में आने की बात सामने आई। हादसा इतना भयावह था कि कर्मचारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान बहरता दास उर्फ दीवान दास के रूप में बताई जा रही है। वह पड़निया-जपेली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है और निजी कंपनी के माध्यम से एसईसीएल कुसमुंडा खदान में कार्यरत था।

घटना की सूचना मिलते ही सहकर्मियों और कंपनी के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारी को उपचार के लिए कुसमुंडा उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी है।

खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद खदान क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर कर्मचारी भारी वाहन की चपेट में कैसे आया और उस समय सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, यह जांच का विषय है।

कोयला खदान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही के बीच कर्मचारियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर चर्चा शुरू कर दी है।

फिलहाल हादसे की आधिकारिक पुष्टि पुलिस और खदान प्रबंधन की ओर से नहीं की गई है। अधिकारियों की जांच और विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

3/related/default