बांगो जलाशय में 89.55 प्रतिशत जलभराव, हसदेव नदी किनारे बसे गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता
कोरबा, 08 अगस्त 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय में जलभराव तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में जलाशय में 89.55 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में जलाशय का गेट कभी भी खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है।
मिनीमाता हसदेव बांगो बांध के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. भारती से प्राप्त जानकारी के अनुसार जलाशय में बारिश के कारण लगातार पानी की आवक हो रही है। स्थिति को देखते हुए हसदेव नदी के निचले हिस्से और बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ क्षेत्र से परिसंपत्तियां हटाने के निर्देश
वर्षाकाल 2026 के दौरान आवश्यकता पड़ने पर मिनीमाता बांगो बांध माचाडोली से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जाएगा। इसे देखते हुए कार्यपालन अभियंता ने सर्वसाधारण एवं संबंधित संस्थानों को आवश्यक सावधानी बरतने की सूचना जारी की है।
हसदेव नदी के किनारे बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ क्षेत्र में आने वाले खनिज खदान ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों और विभिन्न संस्थानों को भी अपनी परिसंपत्तियां बाढ़ क्षेत्र से बाहर करने के लिए कहा गया है।
जल संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि अचानक बाढ़ आने की स्थिति में होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। साथ ही संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को जागरूक करने और बाढ़ चेतावनी की मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन गांवों में जारी किया गया अलर्ट
बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित गांवों में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य गांव शामिल हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जलाशय में लगातार बढ़ रहे जलभराव को देखते हुए लोगों से हसदेव नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी स्थिति में नदी के किनारे या संभावित बाढ़ क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
जलाशय का गेट खोले जाने की स्थिति में हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए संबंधित क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।




