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दो महीने बाद भी अमित भंडारी हत्याकांड अनसुलझा, अब मूलमुला पुलिस की जांच पर उठे सवाल; SP ने संभाली कमान


जांजगीर-चांपा।
मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब दो महीने पहले हुए 25 वर्षीय युवक अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी है। हत्या के मामले में पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर जांच शुरू किए जाने के बावजूद न तो हत्या के कारणों का खुलासा हो सका और न ही अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंच पाया। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

दो महीने बाद क्यों पड़ी जांच को नए सिरे से तेज करने की जरूरत?

ग्राम कोसा में 27 जून से 29 जून 2026 के बीच अमित भंडारी की हत्या होने की जानकारी सामने आई थी। तालाब किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव मिला था। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि होने पर मुलमुला थाना में अपराध क्रमांक 249/2026 के तहत BNS की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया।

लेकिन सवाल यह है कि मामला दर्ज होने के बाद करीब दो महीने तक जांच किस दिशा में आगे बढ़ी? यदि पुलिस के पास घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे, तो अब तक आरोपी तक पहुंच क्यों नहीं बनाई जा सकी?

इन्हीं सवालों के बीच अब पुलिस अधीक्षक ने मामले की विवेचना की समीक्षा करते हुए जांच की दिशा बदलने का निर्णय लिया है।


SP खुद पहुंचे घटनास्थल, साक्ष्यों की हुई समीक्षा

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय स्वयं ग्राम कोसा पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अब तक हुई विवेचना तथा उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की और हत्याकांड का जल्द से जल्द राजफाश करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मामले में अब ASP डॉ. यूलैंडन यार्क के नेतृत्व में नई विशेष जांच टीम गठित की गई है। टीम में SDOP अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, मुलमुला थाना प्रभारी शिवानंद सिंह और साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा समेत पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल हैं।

अब होगा सीन रीक्रिएशन

SP के अनुसार हत्या की कड़ियों को जोड़ने और संभावित आरोपी तक पहुंचने के लिए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा। इसके माध्यम से घटना के संभावित घटनाक्रम को दोहराकर नए सुराग तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

मूलमुला पुलिस की पिछली जांच पर सवाल

नई टीम के गठन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पहले की जांच में कौन-सी कड़ियां छूट गई थीं?

क्या घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों की पर्याप्त जांच हुई?

क्या तकनीकी साक्ष्यों और संभावित संदिग्धों की गतिविधियों की गहराई से पड़ताल की गई?

क्या हत्या से पहले और बाद के घटनाक्रम को जोड़ने में पुलिस सफल रही?

और यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, तो दो महीने बाद मामले की जांच को नए सिरे से तेज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

इन सवालों का जवाब अब नई जांच टीम की कार्रवाई और आने वाले दिनों में होने वाले खुलासे से मिलने की उम्मीद है।

कोसा में पुलिस चेक पोस्ट भी खुलेगा

मामले के बीच ग्राम कोसा में जल्द पुलिस चेक पोस्ट शुरू करने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इससे क्षेत्र में निगरानी और गश्त व्यवस्था मजबूत होगी।

अमित भंडारी हत्याकांड में अब नई जांच टीम के गठन के बाद परिजनों और ग्रामीणों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। सवाल सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि यह भी है कि अमित की हत्या की पूरी सच्चाई आखिर कब सामने आएगी?

मूलमुला पुलिस की पुरानी जांच पर उठे सवालों के बीच अब नई टीम कितनी तेजी से हत्याकांड की गुत्थी सुलझाती है, यह देखने वाली बात होगी।

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