नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) में पदस्थ इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव के खिलाफ पटना CBI की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। मामला एक ड्रग कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, पटना निवासी आलोक सिन्हा को एक ड्रग मामले में आरोपी नहीं बनाने के एवज में कथित रूप से 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। बातचीत के बाद कथित तौर पर यह रकम 20 लाख रुपये में तय हुई और इसमें 10 लाख रुपये एडवांस देने की बात सामने आई।
इसी दौरान फरियादी आलोक सिन्हा द्वारा 4 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि यह रकम CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव के रिश्तेदार संतोष कुमार सुमन के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई।
शिकायत के बाद CBI ने शुरू की जांच
फरियादी ने कथित लेन-देन और पूरे मामले की शिकायत पटना CBI से की। शिकायत के आधार पर CBI ने जांच आगे बढ़ाई और बताया जा रहा है कि 10 सितंबर को प्रकरण दर्ज किया गया।
इसके बाद CBI की टीम ने नीमच स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय में कार्रवाई की और CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
ड्रग कार्रवाई से जुड़े मामले में जांच तेज
CBI की कार्रवाई के बाद अब कथित रिश्वत लेन-देन, बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन और ड्रग मामले में आरोपी को राहत देने के लिए की गई कथित बातचीत समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। CBI की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


