हरदीबाजार/कोरबा। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अधिग्रहित ग्राम हरदीबाजार के भू-विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों के समाधान की मांग को लेकर अब आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अक्टूबर 2026 को एसईसीएल के सीएमडी कार्यालय, बिलासपुर का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आंदोलन को कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल का सहयोग एवं नेतृत्व प्राप्त रहेगा।
21 सितंबर की बैठक के बाद भी नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों के अनुसार 21 सितंबर 2026 को एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की मौजूदगी में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में हरदीबाजार के भू-विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई।
बताया गया कि बैठक के दौरान एसईसीएल प्रबंधन की ओर से मांगों के समाधान के लिए 2 से 3 दिनों के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान अथवा लिखित निर्णय सामने नहीं आया है।
मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास मुख्य मुद्दे
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से असंतोष बढ़ रहा है।
5 अक्टूबर को आंदोलन की चेतावनी
ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर द्वारा एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण ग्रामीण अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर हैं।
पत्र के अनुसार, यदि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लिया जाता है तो 5 अक्टूबर 2026 को भू-विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीण बिलासपुर स्थित CMD कार्यालय का घेराव और तालाबंदी करेंगे।
प्रेस विज्ञप्ति में इस आंदोलन को उग्र एवं शांतिपूर्ण बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि आंदोलन की सूचना जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को भी दी गई है।
इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर बिलासपुर, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर और महाप्रबंधक, एसईसीएल दीपका क्षेत्र को भी सूचना एवं आवश्यक व्यवस्था के लिए भेजे जाने की बात कही गई है।


