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युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में फर्जी वोट और आईडी हैकिंग की शिकायतों से मचा हड़कंप, दिल्ली तक पहुंची शिकायत


कोरबा।
युवा कांग्रेस संगठन के लिए चल रहे चुनाव में मतदान की अंतिम समय सीमा 29 सितंबर मंगलवार शाम तक निर्धारित है। इसी बीच फर्जी वोटों की शिकायतों और प्रत्याशियों व समर्थकों की आईडी/मोबाइल नंबर हैक होने के आरोपों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खलबली मची हुई है।

युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रशांत कुमार (बालोद) सहित कुछ अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दिल्ली पहुंचकर संबंधित संगठन पदाधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कोरबा जिले में भी कई प्रत्याशियों और समर्थकों द्वारा उनकी आईडी हैक होने की शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है।

एक आईडी से कई प्रत्याशियों के मतदान पर असर का दावा

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, किसी एक मतदाता की आईडी से छेड़छाड़ होने की स्थिति में केवल एक प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि उन छह पदों के प्रत्याशियों के मतदान पर असर पड़ सकता है, जिनके लिए संबंधित मतदाता वोट कर रहा है। युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता मतदान कर रहे हैं।

कोरबा के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। कोरबा जिले में कई आईडी प्रभावित होने और इससे बड़ी संख्या में वोटों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

मतदाताओं ने उठाए सवाल

एक मतदाता ने कथित तौर पर बताया कि वह जिस क्षेत्र या गांव में कभी गया तक नहीं, वहां से उसका वोट प्रदर्शित किया जा रहा है। ऐसे मामलों की संख्या दर्जनों से लेकर सैकड़ों तक होने का दावा किया जा रहा है।

फर्जी वोटों और आईडी हैकिंग के आरोपों के बीच अब युवा कांग्रेस संगठन चुनाव की पारदर्शिता और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आ रही है।

बिलासपुर जोन के रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की बात

आईडी हैक होने से जुड़े मामलों की शिकायत युवा कांग्रेस चुनाव के जोनल रिटर्निंग ऑफिसर (बिलासपुर जोन) नरेंदर कौर से किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, शिकायतों पर संगठन की ओर से अब तक क्या आधिकारिक कार्रवाई की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

अब फैसले पर टिकी निगाहें

मतदान की अंतिम समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि फर्जी वोटों और आईडी हैकिंग से जुड़े आरोपों पर युवा कांग्रेस संगठन क्या कदम उठाता है। क्या शिकायतों की जांच कर मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, या किसी स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को रोकने अथवा दोबारा कराने का निर्णय लिया जाएगा—इस पर प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

नोट: फर्जी वोट, आईडी हैकिंग और वोटों में हेरफेर से जुड़े आरोप फिलहाल शिकायतों और संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच/संगठन की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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