कोरबा रेलवे स्टेशन हादसा: पेंटिंग के दौरान झुलसे युवक की मौत

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(CG. ई ख़बर - विजय चौहान - बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ़)

कोरबा। कोरबा रेलवे स्टेशन में 24 नवंबर को हुए दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से झुलसे युवक श्याम चौहान (25 वर्ष) ने आखिरकार ज़िंदगी की जंग हार दी। इलाज के दौरान भिलाई के एक निजी अस्पताल में देर रात उसकी मौत हो गई।
श्याम प्लेटफॉर्म नंबर 1 के यार्ड में खड़ी दुर्घटना राहत वैन (Accident Relief Van) को पेंट कर रहा था, तभी अचानक ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और वह इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।

इसके साथ काम कर रहा साथी प्रेमदास भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।


हादसे की पूरी कहानी

  • सी एंड डब्ल्यू विभाग द्वारा राहत वैन की पेंटिंग का काम पिछले एक सप्ताह से चल रहा था।
  • यह कार्य एक स्थानीय पेटी ठेकेदार को सौंपा गया था, जिसने स्टेशन से सटी बस्ती के युवकों को लगाया था।
  • नियमों के अनुसार ऐसे काम के दौरान ओएचई लाइन को डेड (बिजली बंद) किया जाना अनिवार्य होता है।
  • बताया जा रहा है कि घटना के समय अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे दोनों मजदूर चपेट में आ गए।

इस हादसे ने रेलवे सिस्टम की सुरक्षा तैयारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

  • मृतक श्याम चौहान कोरबा रेलवे स्टेशन के सामने की कॉलोनी में रहता था।
  • उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है।
  • मां रतनबाई रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत हैं।
  • चार भाइयों में दूसरे नंबर के श्याम की अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है और इलाके में शोक की लहर है।

जिम्मेदारी पर उठे सवाल

रेलवे जैसी बड़ी संस्था में सुरक्षा मानकों का पालन कितनी गंभीरता से किया जाता है, यह हादसा उस पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
एक छोटी सी चूक ने एक युवा मजदूर की जिंदगी छीन ली और एक परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया।

जनहित में आवश्यक है कि रेलवे प्रशासन घटना की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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