(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती)
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने टीम प्रभारी को करीब ढाई घंटे तक बंधक बनाकर रखा, जबकि मुखबिर और वाहन चालक के साथ जमकर मारपीट की गई। इस दौरान विभागीय वाहन स्कॉर्पियो में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामला उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा गांव का है।
कार्रवाई के दौरान बिगड़े हालात
जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग की टीम आज नारायण सिंह कंवर के नेतृत्व में स्कॉर्पियो वाहन से भैसमा गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम में दो वर्दीधारी कर्मचारी, एक मुखबिर और चालक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान किसी बात को लेकर ग्रामीणों से विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो उठा।
अधिकारी को बनाया बंधक
ग्रामीणों ने टीम को चारों ओर से घेर लिया और टीम प्रभारी नारायण सिंह कंवर को बंधक बना लिया। वहीं मुखबिर पतोड़ा निवासी प्रमोद देवांगन और स्कॉर्पियो चालक के साथ जमकर मारपीट की गई। हालात बिगड़ते देख अन्य कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर मौके से भागने में सफल रहे।
112 टीम को लौटना पड़ा वापस
घटना की सूचना मिलते ही 112 पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश इतना अधिक था कि पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उरगा थाना पुलिस अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद टीम प्रभारी को ग्रामीणों के चंगुल से बाहर निकाला।
मुखबिर पर अवैध वसूली के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन लगातार मुखबिरी कर कार्रवाई करवाता है और अवैध वसूली भी करता है। इसी आक्रोश में ग्रामीणों ने उसकी पिटाई की। मारपीट के दौरान आबकारी विभाग की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद सभी आबकारी अधिकारी-कर्मचारी उरगा थाना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।


