डिजिटल मीडिया की आड़ में अवैध वसूली का खेल, पत्रकारिता की साख पर गंभीर खतरा

CG.ई ख़बर


कोरबा (CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओमप्रकाश पटेल)
— सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में कुछ चुनिंदा डिजिटल मीडिया से जुड़े कथित रिपोर्टरों द्वारा पत्रकारिता की मर्यादाओं को ताक पर रखकर गंभीर अनियमित गतिविधियां की जा रही हैं। आरोप है कि ये लोग कच्ची शराब एवं गांजा जैसे अवैध कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के पास स्वयं पहुंचकर तथाकथित “जांच” के नाम पर मीडिया का भय दिखाते हुए अवैध रूप से पैसों की उगाही कर रहे हैं।

डिजिटल मीडिया : सबसे तेज़ और प्रभावशाली मंच

आज के दौर में डिजिटल मीडिया देश का सबसे गतिवान, प्रभावी और शीघ्र समाचार पहुंचाने वाला प्लेटफॉर्म बन चुका है। वेबसाइट, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों के जरिए खबरें पल-पल जनता तक पहुंच रही हैं। यही वजह है कि डिजिटल मीडिया ने पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ समाज में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी सशक्त मंच की आड़ में कुछ चुनिंदा लोग चैनल का माइक, फर्जी पहचान पत्र और सोशल मीडिया पेज बनाकर स्वयं को पत्रकार बताने लगे हैं और पत्रकारिता की मूल भावना के विपरीत इसका गलत एवं आपराधिक उपयोग कर रहे हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य वसूली नहीं, जनहित है

यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि पत्रकारिता का उद्देश्य किसी को डराकर पैसा वसूलना नहीं, बल्कि गलत कार्यों को उजागर कर शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और समाज को जागरूक करना है। जो लोग मीडिया का भय दिखाकर अवैध उगाही कर रहे हैं, वे न केवल कानून तोड़ रहे हैं बल्कि पूरे पत्रकार समुदाय की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।

कानून सबके लिए समान

ऐसे कथित पत्रकारों पर भी वही कानून लागू होते हैं जो आम नागरिकों पर लागू होते हैं। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो निम्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई संभव है—

  • भारतीय दंड संहिता / भारतीय न्याय संहिता

    • धारा 384 — जबरन वसूली
    • धारा 385 — भय दिखाकर वसूली
    • धारा 420 — धोखाधड़ी
    • धारा 468 / 471 — कूटरचना व फर्जी दस्तावेज
    • धारा 34 — सामूहिक अपराध
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

    • धारा 66 — डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी
  • NDPS अधिनियम

    • अवैध मादक पदार्थ कारोबार से मिलीभगत की स्थिति में

CG ई खबर की सख्त मांग

CG ई खबर ऐसे कथित पत्रकारों की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मांग करता है कि—

  • जिन डिजिटल मीडिया कर्मियों के विरुद्ध ठोस साक्ष्य सामने आते हैं,
    उन्हें दोषमुक्त साबित होने तक उनके मीडिया रजिस्ट्रेशन, यूट्यूब चैनल, वेबसाइट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
  • शासन-प्रशासन द्वारा डिजिटल मीडिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, पंजीयन प्रणाली और निगरानी तंत्र लागू किया जाए, जिससे फर्जी और वास्तविक पत्रकारों में अंतर स्पष्ट हो सके।

निष्कर्ष

डिजिटल मीडिया आज लोकतंत्र की मजबूत आवाज बन चुका है, लेकिन यदि इसकी आड़ में अपराध होंगे तो जनता का भरोसा टूटेगा। ऐसे में आवश्यक है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और ईमानदार पत्रकारों की गरिमा सुरक्षित रहे।
CG ई खबर निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है तथा ऐसे कृत्यों के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहेगा।

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