कोरबा (CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : सत्या पटेल) —
पश्चिम क्षेत्र में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने की मांग को लेकर शनिवार सुबह छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) ने जोरदार आंदोलन किया। संगठन के कार्यकर्ता एक निजी कंपनी के गेट को जाम करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को बसों के माध्यम से कुसमुंडा थाना ले जाया गया।
स्थानीय युवाओं से किए वादे पूरे नहीं: संगठन का आरोप
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने आरोप लगाया कि संबंधित निजी कंपनी ने पहले स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन न तो पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और न ही सूचीबद्ध स्थानीय वाहन चालकों को नियुक्ति दी गई।
इसके विपरीत अन्य राज्यों से ड्राइवर बुलाकर काम कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय बेरोजगारों में भारी आक्रोश है।
गेट जाम से पहले ही पुलिस की कार्रवाई
संगठन के सदस्य निर्धारित समय पर कंपनी गेट जाम करने पहुंचे थे, लेकिन मौके पर पहले से मौजूद पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को रोककर हिरासत में लिया और सभी को कुसमुंडा थाना ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
कंपनी पर स्थानीयों को रोजगार से वंचित करने का आरोप
संगठन का दावा है कि एसईसीएल खदान क्षेत्र में कार्यरत नीलकंठ कंपनी सहित कई निजी कंपनियों में नियमों के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
संगठन ने कहा कि बाहरी राज्यों से कर्मचारी लाकर काम कराया जाना स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय है, इसलिए अब रोजगार के मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
स्थिति पर पुलिस की सख्त निगरानी
संगठन ने इस मसले को लेकर कलेक्टर, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, एसईसीएल प्रबंधन व संबंधित कंपनी को पहले ही ज्ञापन सौंप दिया था।
फिलहाल कुसमुंडा थाना परिसर के बाहर संगठन के अन्य सदस्य और समर्थक जुटने लगे हैं। पुलिस किसी भी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सतर्कता से निगरानी कर रही है।
संगठन की चेतावनी: आंदोलन होगा और तीव्र
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने साफ कहा है कि यदि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।
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