(CG ई खबर |कोरबा जिला संवाददाता – नारायण चंद्राकर)
कोरबा/छत्तीसगढ़ 24 अगस्त 2026 - जिले के पुराने बस स्टैंड स्थित रानी धनराज कुंवर अस्पताल के बाथरूम में सोमवार को मानव भ्रूण मिलने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सफाई के दौरान कर्मचारी ने बाथरूम में भ्रूण पड़ा देखा, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। FSL टीम ने भी घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
सफाई के दौरान मिला भ्रूण
सफाई कर्मचारी पी. चिना के अनुसार, सोमवार सुबह वह अस्पताल के बाथरूम की सफाई करने पहुंचा था। इस दौरान उसे वहां से तेज बदबू महसूस हुई। अंदर जाकर देखने पर बाथरूम में मानव भ्रूण पड़ा मिला। कर्मचारी ने तत्काल इसकी जानकारी अपने सुपरवाइजर पवन कुमार साहू को दी।
सफाई कर्मचारी का आरोप है कि सुपरवाइजर ने उसे भ्रूण को पन्नी में पैक कर अस्पताल की छत पर रखने के लिए कहा। इसके बाद मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन तक पहुंची।
तत्काल पुलिस को सूचना देने को लेकर सवाल
सफाई कर्मचारी के मुताबिक, उसे बाथरूम की सफाई करने के लिए कहा गया था और बताया गया था कि डॉक्टर तथा मरीज आने वाले हैं। कर्मचारी का कहना है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि भ्रूण मिलने की स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचना देना आवश्यक है।
भ्रूण को घटनास्थल से हटाए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने किया पंचनामा, FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया। FSL टीम ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, मामले में मर्ग कायम किया गया है। भ्रूण का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस यह पता लगाने पर है कि भ्रूण अस्पताल के बाथरूम तक कैसे पहुंचा, उसे वहां किसने छोड़ा और घटना के बाद उसे हटाने का प्रयास क्यों किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नोट: पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका को दोष सिद्ध मानना उचित नहीं होगा। मामले में अंतिम स्थिति जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगी।


