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रांची में छात्र आंदोलन उग्र: विधानसभा घेराव के दौरान वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज, कई छात्र घायल


रांची।
झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 17 दिनों से जारी छात्र आंदोलन अब उग्र और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना में कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

9 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र नेता

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। बताया जा रहा है कि पिछले 4 दिनों से उन्होंने पानी का भी त्याग कर रखा है। तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्हें स्ट्रेचर पर आंदोलन स्थल तक लाया गया और उन्होंने मार्च में हिस्सा लिया।

5 जुलाई से शुरू हुआ आंदोलन

छात्र आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई को 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद हुई। अभ्यर्थियों ने परिणाम में कई कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। छात्रों का दावा है कि कुछ रोल नंबर लगातार क्रम में सफल हुए, जबकि बिना स्पष्ट कटऑफ जारी किए कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के चयन को लेकर भी सवाल उठे।

इसके बाद छात्रों ने 25 जुलाई से शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया और 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सत्याग्रह शुरू किया।

RTI के बाद बढ़ा विवाद

आंदोलनकारियों का कहना है कि RTI के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी TDPL को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। छात्रों का दावा है कि एजेंसी को दूसरे राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। इस मुद्दे के सामने आने के बाद आंदोलन और तेज हो गया।

सरकार की ओर से 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने तथा मामले की CID/ED से जांच कराने का प्रस्ताव दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि प्रदर्शनकारी छात्र इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।

7 प्रमुख मांगों पर अड़े छात्र

छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में CBI से जांच, JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लागू करना और पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर जारी करना समेत सात प्रमुख मांगें शामिल हैं।

तीन दौर की वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति

आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण गतिरोध कायम है। छात्रों ने अब शासन से आगे बातचीत नहीं करने और सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने और छात्र नेता देवेंद्र महतो की बिगड़ती तबीयत के बीच सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

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