दीपका-गेवरा/कोरबा। एसईसीएल दीपका एवं गेवरा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय जनता मजदूर संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री मनीराम भारती ने प्रभावित भू-विस्थापितों के हक, न्याय और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग को लेकर एसईसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए 14 सूत्रीय मांगें रखी हैं।
संघ का आरोप है कि ग्राम हरदीबाजार सहित प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। संगठन ने दावा किया कि ड्रोन कैमरा, जीपीएस सर्वे और कथित कट-ऑफ डेट के आधार पर मकानों एवं अन्य संरचनाओं के मुआवजे में 40 से 100 प्रतिशत तक कटौती की जा रही है।
मुआवजा और पुनर्वास को लेकर प्रमुख मांगें
भारतीय जनता मजदूर संघ ने सर्वे के दौरान मौजूद सभी संरचनाओं को मान्य करते हुए 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा 2013 के कानून के तहत वर्तमान बाजार दर के आधार पर चार गुना मुआवजा देने तथा वर्ष 2004, 2010 और 2025 में अधिग्रहित भूमि से संबंधित लंबित ब्याज का भुगतान करने की मांग उठाई गई है।
संघ ने रायपुर मार्गदर्शिका 2025 के अनुसार टीन शेड के लिए ₹2,800, बिल्डिंग के लिए ₹4,600, गोदाम के लिए ₹6,200 तथा दुकान और स्कूल भवन के लिए ₹7,200 प्रति वर्गफीट की दर से मुआवजा दिए जाने की मांग रखी है। भूमि के लिए ₹32 लाख प्रति एकड़ की दर से चार गुना मुआवजे की मांग भी शामिल है।
कोयला उत्पादन में 5 प्रतिशत लाभांश की मांग
संघ ने प्रभावित विस्थापित परिवारों को खदानों से होने वाले कोयला उत्पादन का 5 प्रतिशत वार्षिक लाभांश/रॉयल्टी दिए जाने की मांग की है। साथ ही पुनर्वास नीति के तहत रोजगार, भूमिहीन विस्थापित परिवारों को ठेका कंपनियों में रोजगार तथा बसाहट में नहीं जाने वाले परिवारों के लिए एकमुश्त आर्थिक सहायता की मांग की गई है।
पुलिस बल और बाउंसरों को लेकर भी सवाल
ज्ञापन में संघ ने ग्रामीणों को कथित रूप से डराने-धमकाने और भय का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए पुलिस बल, सीआरपीएफ तथा निजी कंपनी के बाउंसरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।
संघ ने राष्ट्रपति सचिवालय, राज्यपाल और बिलासपुर संभागायुक्त की ओर से पूर्व में मांगे गए जवाबों का भी उल्लेख करते हुए प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो खदान बंदी की चेतावनी
भारतीय जनता मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि भू-विस्थापितों की समस्याओं का सम्मानजनक समाधान नहीं किया गया तो प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर एसईसीएल दीपका एवं गेवरा क्षेत्र में चक्काजाम और अनिश्चितकालीन खदान बंदी आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने कहा है कि मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और मांगों पर एसईसीएल प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


