स्कूल भवन में घटिया टाइल्स और पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर भी जताई नाराजगी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
कोरबा। खनन प्रभावित क्षेत्रों में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को उन्होंने कटघोरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर निर्माणाधीन आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कार्यों में अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने मौके पर ही गुणवत्ता की जांच कराई और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरिया की जांच में सामने आई गड़बड़ी, एफआईआर के निर्देश
जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत जेन्जरा में डीएमएफ मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर को भवन में लगाए गए सरिया की गुणवत्ता और माप को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने मौके पर सीढ़ी मंगवाकर स्लैब के पास लगे सरिया की माप कराने के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि सब इंजीनियर द्वारा 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन कई स्थानों पर 8 एमएम के स्थान पर 6 एमएम सरिया पाया गया। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य का पंचनामा तैयार कराने और संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिम्मेदार सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
स्कूल भवन में निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं मिले टाइल्स
जेन्जरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फर्श में लगाए गए टाइल्स की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंड की जांच कराई। टाइल्स मापदंड के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए है। इस राशि से होने वाले कार्यों में गुणवत्ता से समझौता अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर भी नाराजगी
ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन का निरीक्षण करते समय भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल भवन अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग की निर्माण एजेंसी द्वारा कराए जा रहे भवन निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। निर्माण कार्य में हो रहे विलंब पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को गति बढ़ाने और अक्टूबर माह तक भवन निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्राम जेन्जरा स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी ली।
फाइलें लंबित रखने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखे जाएं। फाइलें रोकने से निर्माण कार्यों का भुगतान प्रभावित होता है और नए विकास कार्यों में भी देरी होती है।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत कटघोरा के सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की जांच कर अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित रखने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शासकीय राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


