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पाली-रतनपुर मार्ग पर रफ्तार का कहर: बाइक सवार युवक की मौत, दो साथी गंभीर घायल


कोरबा/पाली।
कोरबा-पाली-रतनपुर मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला। चेपा मोड़ के पास तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ग्राम पंचायत मुड़ापार निवासी अश्वनी कुमार रात्रे उर्फ रानू (28) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

नई गाड़ी की किस्त जमा करने निकला था रानू

जानकारी के अनुसार मृतक अश्वनी कुमार रात्रे, पिता रामजी रात्रे, निवासी ग्राम मुड़ापार, थाना हरदी बाजार, जिला कोरबा, 5 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे अपनी नई गाड़ी की किस्त जमा करने के लिए घर से निकला था। बताया जा रहा है कि वह अपने साथ करीब 10 हजार रुपये लेकर बाइक से निकला था। बाइक पर उसके दो साथी भी सवार थे।

तीनों पाली से रतनपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चेपा मोड़ के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक या हाइवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक कई फीट दूर जा गिरी और तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। अश्वनी को सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

राहगीरों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे लोगों ने दोनों घायल युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। घायलों ने पुलिस को बताया कि पीछे से आ रहे एक भारी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मारी थी।

घटना की सूचना मिलते ही पाली पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

खुशी की किस्त बन गई मौत की किस्त

परिजनों के मुताबिक अश्वनी ने मेहनत और कर्ज लेकर नई गाड़ी खरीदी थी। उसी गाड़ी की किस्त जमा करने के लिए वह घर से निकला था। परिजनों ने बताया कि वह घर से खुशी-खुशी निकला था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

जो युवक किस्त जमा कर वापस घर लौटने वाला था, वह अर्थी पर घर लौटा। बताया जा रहा है कि उसके पास रखे 10 हजार रुपये भी हादसे के दौरान खून से सन गए।

इकलौते सहारे की मौत से परिवार में मातम

अश्वनी उर्फ रानू अपने परिवार का प्रमुख सहारा था। उसके पिता रामजी रात्रे बीमार रहते हैं और परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक अश्वनी के कंधों पर थी। सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण वह गांव में सभी का चहेता था।

मौत की खबर मिलते ही मुड़ापार गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। गांव में हर तरफ शोक का माहौल है।

दो घायल मौत से जंग जीतकर लौटे

हादसे में घायल दोनों युवकों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि राहगीरों ने तत्काल उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

भारी वाहनों की रफ्तार पर उठे सवाल

हादसे के बाद पाली-रतनपुर मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार आए दिन हादसों का कारण बन रही है। चेपा मोड़ जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, पर्याप्त संकेतक और नियमित पुलिस गश्त की जरूरत है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चेपा मोड़ सहित पाली-रतनपुर मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने प्रियजन को इस तरह असमय न खोना पड़े।

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